माइक इको टेस्ट कैसे काम करता है
आपका ब्राउज़र माइक्रोफ़ोन को सुनता है और आपकी चुनी हुई देरी के बाद आवाज़ वापस चलाता है। एक छोटा ठहराव अपनी आवाज़ परखना बहुत आसान बना देता है, क्योंकि आप उसे बोलते समय ही नहीं सुन रहे होते। कुछ भी रिकॉर्ड या अपलोड नहीं होता; आवाज़ सिर्फ़ आपके डिवाइस की मेमोरी से गुज़रती है।
नॉइज़ सप्रेशन ज़्यादातर कॉल ऐप्स की तरह काम करता है: यह पंखे जैसे लगातार बैकग्राउंड शोर को छानता है। कच्चा माइक्रोफ़ोन सुनने के लिए इसे बंद करें, या मोटे तौर पर कॉल जैसी आवाज़ सुनने के लिए चालू रखें।
किन बातों पर ध्यान दें
- बहुत धीमी या दूर लगती आवाज़: माइक के पास आएँ, या सिस्टम की साउंड सेटिंग में उसका इनपुट लेवल बढ़ाएँ।
- चटचटाहट या विकृति: आप बहुत पास हैं या इनपुट लेवल बहुत ऊँचा है।
- सीटी या भनभनाहट: दूसरा USB पोर्ट आज़माएँ, या चार्जर और बिजली के तारों से दूर हटें।
- दबी हुई या “पानी के अंदर” जैसी आवाज़: हो सकता है Bluetooth हेडसेट कम क्वालिटी वाले कॉल मोड में चला गया हो।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
यह वॉइस रिकॉर्डर से कैसे अलग है?
इको आपके बोलते समय लगातार वापस चलता है, जिससे माइक सेट करना जल्दी होता है। वॉइस रिकॉर्डर रिकॉर्डिंग सेव करता है जिन्हें आप दोबारा सुन और डाउनलोड कर सकते हैं।
मुझे वापस कुछ सुनाई नहीं देता।
जाँचें कि देरी का समय बीत गया हो, प्लेबैक वॉल्यूम ऊपर हो, और सिस्टम सेटिंग में सही माइक्रोफ़ोन चुना हो। लेवल पट्टी दिखाती है कि माइक आपकी आवाज़ पकड़ रहा है या नहीं।