बैकलाइट ब्लीड टेस्ट कैसे काम करता है
ज़्यादातर LCD स्क्रीन पैनल के पीछे लगी बैकलाइट से रोशन होती हैं। जब पैनल काला दिखाता है, तो उसे वह सारी रोशनी रोक लेनी चाहिए। अगर फ़्रेम पैनल पर असमान दबाव डालता है, तो रोशनी किनारों से निकलती है और काली तस्वीर पर चमकीले धब्बों की तरह दिखती है: यही बैकलाइट ब्लीड है। यह टेस्ट शुद्ध काले और दो बहुत गहरे स्लेटी रंगों के बीच बदलता है, जिससे स्क्रीन के बीच के असमान धब्बे भी दिखते हैं, जिन्हें क्लाउडिंग कहते हैं।
ब्लीड, ग्लो या सामान्य?
- बैकलाइट ब्लीड सिर हिलाने पर भी उसी जगह और आकार में रहता है। आमतौर पर किनारों और कोनों पर दिखता है।
- IPS ग्लो सिर हिलाने या पीछे हटने पर बदलता या फीका पड़ता है। यह IPS पैनल का सामान्य गुण है, ख़राबी नहीं।
- क्लाउडिंग बीच में असमान, धब्बेदार हिस्सों जैसी दिखती है, गहरे स्लेटी पर सबसे ज़्यादा।
- OLED स्क्रीन में बैकलाइट नहीं होती, इसलिए उन्हें बिना किसी ब्लीड के पूरा काला दिखाना चाहिए।
ब्लीड मिला? क्या करें
- सामान्य ब्राइटनेस पर जाँचें। जो ब्लीड सिर्फ़ अँधेरे कमरे में पूरी ब्राइटनेस पर दिखे, वह रोज़ के इस्तेमाल में शायद ही दिखता है।
- फ़ोटो लें फ़ोन कैमरे को कम एक्सपोज़र पर सेट करके, ताकि फ़ोटो वही दिखाए जो आँख देखती है, बढ़ा-चढ़ाकर नहीं।
- विक्रेता से संपर्क करें रिटर्न की अवधि में, अगर ब्लीड सामान्य इस्तेमाल में परेशान करे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या बैकलाइट ब्लीड ठीक हो सकता है?
कभी-कभी मॉनिटर के फ़्रेम के आसपास के पेंच थोड़े ढीले करने से मदद मिलती है, पर इससे वारंटी ख़त्म हो सकती है। आमतौर पर बदलवाना ज़्यादा सुरक्षित है।
क्या ब्लीड समय के साथ बढ़ता है?
आमतौर पर वैसा ही रहता है, और इस्तेमाल के पहले कुछ हफ़्तों में पैनल के जमने से थोड़ा कम भी हो सकता है।